वोटिंग से पहले बंगाल में बड़ा सियासी उलटफेर, AIMIM ने हुमायूं कबीर से तोड़ा गठबंधन

कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। Asaduddin Owaisi की पार्टी AIMIM ने हुमायूं कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी के साथ अपना गठबंधन खत्म करने का ऐलान कर दिया है।

AIMIM ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान जारी करते हुए कहा कि हुमायूं कबीर के हालिया बयानों से मुसलमानों की छवि और गरिमा पर सवाल खड़े होते हैं, जिनसे पार्टी खुद को नहीं जोड़ सकती। पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह अब पश्चिम बंगाल में स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ेगी और किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी।

क्या है गठबंधन टूटने की वजह?
दरअसल, 9 अप्रैल को Humayun Kabir से जुड़ा एक कथित वीडियो सामने आया, जिसे All India Trinamool Congress (TMC) ने जारी किया। इस वीडियो में कबीर कथित तौर पर बड़ी धनराशि और धार्मिक मुद्दों को लेकर विवादित टिप्पणी करते नजर आ रहे हैं। हालांकि, कबीर ने इस वीडियो को फर्जी और AI जनरेटेड बताते हुए आरोपों से इनकार किया है।

इस विवाद के बाद AIMIM के भीतर गठबंधन को लेकर असहजता बढ़ गई, जिसके चलते पार्टी ने तत्काल प्रभाव से संबंध समाप्त करने का फैसला लिया।

पहले क्या था समीकरण?
गौरतलब है कि 25 मार्च को हुमायूं कबीर ने AIMIM के साथ गठबंधन की घोषणा की थी। उन्होंने ओवैसी को अपना “बड़ा भाई” बताते हुए इसे राज्य में तीसरा मजबूत विकल्प करार दिया था। उनका दावा था कि यह गठबंधन उन वर्गों की आवाज बनेगा, जो मुख्यधारा की राजनीति में खुद को उपेक्षित महसूस करते हैं।

अब आगे क्या?
AIMIM के इस फैसले के बाद बंगाल की चुनावी सियासत में नया मोड़ आ गया है। पार्टी अब अकेले चुनावी मैदान में उतरकर अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की रणनीति पर काम करेगी, जबकि अन्य दल भी इस घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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