मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। राज्य की विधान परिषद की 9 सीटों पर चुनाव की घोषणा के साथ ही सियासी समीकरण बनने और बिगड़ने लगे हैं। चुनाव आयोग के अनुसार, इन सीटों के लिए मतदान 12 मई 2026 को होगा, जबकि नामांकन प्रक्रिया 23 अप्रैल से 30 अप्रैल तक चलेगी।

📅 चुनाव कार्यक्रम तय
चुनाव आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के मुताबिक:
- नामांकन शुरू: 23 अप्रैल
- अंतिम तिथि: 30 अप्रैल
- नाम वापसी: 4 मई
- मतदान: 12 मई (सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक)
- मतगणना: 12 मई शाम 5 बजे के बाद
⏳ 13 मई को खत्म होगा कार्यकाल
इन 9 सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 13 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। जिन प्रमुख नेताओं का कार्यकाल खत्म हो रहा है, उनमें उद्धव ठाकरे, शशिकांत शिंदे और अमोल मिटकरी सहित कई नाम शामिल हैं।
🔢 विधानसभा का गणित
महाराष्ट्र विधानसभा की कुल 288 सीटों के वर्तमान आंकड़े इस चुनाव को बेहद रोचक बना रहे हैं:
- बीजेपी: 132
- एकनाथ शिंदे गुट: 56
- एनसीपी (अजीत पवार गुट): 41
विपक्ष:
- शिवसेना (उद्धव गुट): 21
- कांग्रेस: 16
- एनसीपी (शरद पवार गुट): 10
- अन्य: 12
❗ उद्धव ठाकरे के सामने बड़ी चुनौती
विधानसभा के मौजूदा गणित को देखें तो विपक्षी दलों के पास पर्याप्त संख्या नहीं है। ऐसे में उद्धव ठाकरे के लिए दोबारा एमएलसी बनना आसान नहीं दिख रहा।
- विपक्ष अपने दम पर सिर्फ 1 सीट जीतने की स्थिति में है
- बाकी सीटों पर सत्तारूढ़ गठबंधन का पलड़ा भारी है
- उद्धव ठाकरे को जीत के लिए क्रॉस वोटिंग या रणनीतिक समर्थन की जरूरत पड़ सकती है
🧭 क्या बन पाएंगे फिर MLC?
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह चुनाव सिर्फ संख्या का खेल नहीं बल्कि रणनीति और गठजोड़ की परीक्षा भी होगा। यदि विपक्ष एकजुट रहता है और अतिरिक्त समर्थन जुटा पाता है, तो उद्धव ठाकरे की वापसी संभव हो सकती है।
हालांकि मौजूदा परिस्थितियों में उनकी राह काफी कठिन नजर आ रही है।
महाराष्ट्र विधान परिषद का यह चुनाव केवल 9 सीटों का नहीं, बल्कि राज्य की बदलती राजनीति और शक्ति संतुलन की परीक्षा भी है। सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या उद्धव ठाकरे फिर से सदन में वापसी कर पाएंगे या सत्ता पक्ष अपना दबदबा कायम रखेगा।
