कोलकाता:
पश्चिम बंगाल की बेलेघाटा विधानसभा सीट इस बार फिर से चर्चा में है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने यहां से अपने उम्मीदवार में बदलाव करते हुए पूर्व राज्यसभा सांसद कुणाल कुमार घोष को मैदान में उतारा है। वहीं भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पार्थ चौधरी पर दांव लगाया है। इसके अलावा सीपीएम की परमिता रॉय और कांग्रेस की शाहिना जावेद भी चुनावी मुकाबले को बहुकोणीय बना रही हैं।

TMC की मजबूत पकड़, लेकिन उम्मीदवार नया
बेलेघाटा सीट पर TMC का दबदबा लंबे समय से कायम है। पार्टी के नेता पारेश पॉल ने 2011, 2016 और 2021 में लगातार जीत दर्ज कर हैट्रिक बनाई थी। हालांकि इस बार पार्टी ने चेहरा बदलते हुए कुणाल घोष को उम्मीदवार बनाया है, जिससे मुकाबले में नई दिलचस्पी जुड़ गई है।
बीजेपी को बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद
भाजपा के उम्मीदवार पार्थ चौधरी इस सीट पर पार्टी के प्रदर्शन को बेहतर करने की कोशिश में हैं। पिछले चुनाव में भाजपा को यहां सीमित सफलता मिली थी, लेकिन इस बार पार्टी को वोट शेयर बढ़ने की उम्मीद है।
वोटों के ध्रुवीकरण से बदल सकता है समीकरण
सीपीएम की परमिता रॉय और कांग्रेस की शाहिना जावेद भी मैदान में हैं, जिससे वोटों के बंटवारे की संभावना बनी हुई है। अगर वोटों का ध्रुवीकरण होता है तो मुकाबला काफी रोचक हो सकता है।
2021 में TMC की बड़ी जीत
पिछले विधानसभा चुनाव 2021 में TMC के पारेश पॉल ने 1,03,182 वोट हासिल कर भारी अंतर से जीत दर्ज की थी। भाजपा के काशीनाथ बिस्वास को 36,042 वोट मिले थे, जबकि सीपीएम के राजीब बिस्वास तीसरे स्थान पर रहे थे।
क्या बदलेगा समीकरण?
इस बार उम्मीदवारों में बदलाव और विपक्ष की सक्रियता के चलते बेलेघाटा सीट पर मुकाबला पहले से ज्यादा दिलचस्प नजर आ रहा है। हालांकि TMC की मजबूत पकड़ को देखते हुए पार्टी एक बार फिर बढ़त बनाए रखने की कोशिश में है।
