अमेरिका और ईरान के बीच जारी कूटनीतिक प्रयासों के बीच Donald Trump ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि दोनों देशों के बीच शांति समझौता पाकिस्तान की राजधानी Islamabad में अंतिम रूप से साइन होता है, तो वह वहां जाने पर विचार कर सकते हैं।

पाकिस्तान की मध्यस्थता पर ट्रंप की टिप्पणी
व्हाइट हाउस से लास वेगास जाते समय पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने पाकिस्तान की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता में “बहुत रचनात्मक” भूमिका निभा रहा है। ट्रंप के अनुसार, पाकिस्तानी प्रतिनिधियों ने वार्ता को आगे बढ़ाने में “बेहतरीन काम” किया है।
जल्द समझौते की उम्मीद
ट्रंप ने संकेत दिया कि दोनों देशों के बीच बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है और समझौते की घोषणा जल्द हो सकती है। उन्होंने कहा कि यदि समझौता होता है तो इसके बड़े आर्थिक प्रभाव होंगे, खासकर ऊर्जा क्षेत्र में।
ट्रंप के मुताबिक, इस डील से तेल की कीमतों में गिरावट आ सकती है और Hormuz Strait से जुड़े तनाव भी कम होंगे।
ऊर्जा और महंगाई पर बयान
ऊर्जा कीमतों पर बोलते हुए ट्रंप ने दावा किया कि हाल के दिनों में गैस और ईंधन की कीमतों में कमी के संकेत मिले हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने अमेरिका में महंगाई को कम करने के लिए कदम उठाए हैं और आगे भी इसे नियंत्रित करेंगे।
पाकिस्तान-ईरान कूटनीतिक सक्रियता
इसी बीच पाकिस्तान के सेना प्रमुख Asim Munir ने तेहरान में ईरानी संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf से मुलाकात की। इस बैठक को अमेरिका-ईरान वार्ता को फिर से गति देने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
प्रमुख मुद्दे अभी भी बाकी
वार्ता में सबसे बड़े विवादित मुद्दों में ईरान के यूरेनियम संवर्धन (enrichment) पर रोक की अवधि और उसके उच्च संवर्धित यूरेनियम स्टॉक का भविष्य शामिल है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इन मुद्दों पर सहमति बनने के बाद ही अंतिम समझौते की राह साफ होगी।
अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौता वैश्विक राजनीति और ऊर्जा बाजार दोनों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। पाकिस्तान की मध्यस्थता और ट्रंप के संकेत बताते हैं कि कूटनीतिक हल की दिशा में तेजी से प्रगति हो रही है।
