वेदांता पावर प्लांट ब्लास्ट केस: कंपनी मालिक समेत 8 पर FIR, 20 मजदूरों की मौत

सक्ति (छत्तीसगढ़): वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण ब्लास्ट मामले में पुलिस ने बड़ा कदम उठाते हुए कंपनी के शीर्ष अधिकारियों पर मामला दर्ज किया है। सक्ती जिले के डभरा थाना क्षेत्र में दर्ज इस एफआईआर में वेदांता रिसोर्सेज लिमिटेड के चेयरमैन अनिल अग्रवाल, प्लांट हेड देवेंद्र पटेल समेत कुल 8 जिम्मेदार अधिकारियों को नामजद किया गया है।

पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर के अनुसार, यह मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 106 (लापरवाही से मृत्यु), 289 (मशीनरी के संचालन में लापरवाही) और धारा 3(5) के तहत दर्ज किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान यदि अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है, तो उनके नाम भी एफआईआर में जोड़े जाएंगे।

तकनीकी जांच जारी, SIT गठित
घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। इस टीम का नेतृत्व एडिशनल एसपी पंकज पटेल कर रहे हैं। टीम में एसडीओपी सुमित गुप्ता, फोरेंसिक विशेषज्ञ सृष्टि सिंह और थाना प्रभारी राजेश पटेल शामिल हैं। जांच में फोरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और औद्योगिक सुरक्षा विभाग की रिपोर्टों का इंतजार किया जा रहा है।

कैसे हुआ हादसा?
यह दर्दनाक हादसा 14 अप्रैल को उस समय हुआ, जब प्लांट में बॉयलर से टर्बाइन तक हाई-प्रेशर भाप ले जाने वाला स्टील पाइप अचानक फट गया। पाइप फटने से निकली तेज भाप की चपेट में आकर कई मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए।

20 की मौत, 16 घायल
इस दुर्घटना में अब तक 20 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 16 अन्य घायल हैं, जिनका इलाज जारी है। मृतकों के परिजनों में शोक और आक्रोश का माहौल है।

प्रशासन का आश्वासन
जिला प्रशासन ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है। साथ ही पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता और मुआवजा देने की बात कही गई है।

वेदांता प्लांट हादसे ने औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।

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