मुंबई: बॉलीवुड एक्ट्रेस Alia Bhatt ने हाल ही में अपनी बेटी राहा को लेकर अपनी चिंताओं को खुलकर साझा किया। एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने आध्यात्मिक गुरु Sadhguru Jaggi Vasudev से पैरेंटिंग से जुड़े कई अहम सवाल पूछे। इस बातचीत में बच्चों की परवरिश, उनकी खुशी और भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण बातें सामने आईं।

“मैं एक चिंतित मां हूं”—आलिया भट्ट
आलिया ने कहा कि वह अक्सर सोचती हैं कि क्या वह एक अच्छी मां हैं और क्या वह अपनी बेटी के लिए सही फैसले ले रही हैं। इस पर सद्गुरु ने स्पष्ट कहा कि अत्यधिक चिंता अच्छे माता-पिता बनने में बाधा बन सकती है।
उन्होंने कहा कि बच्चों को सिखाने से ज्यादा जरूरी है कि माता-पिता अपने व्यवहार से उदाहरण पेश करें। अगर माता-पिता तनाव में रहेंगे, तो बच्चे भी वही सीखेंगे।
बच्चों को सिखाने से ज्यादा उन्हें समझें
सद्गुरु के अनुसार, बच्चे स्वभाव से खुश होते हैं और जीवन के करीब होते हैं। उन्होंने कहा कि माता-पिता को बच्चों को “सिखाने” की बजाय उन्हें समझने और उनके साथ सीखने की जरूरत है।
उन्होंने जोर दिया कि बच्चों के लिए सुरक्षित और खुशहाल माहौल बनाना ही सबसे जरूरी है, बाकी उनका विकास स्वाभाविक रूप से होता है।
हार-जीत को कैसे समझाएं?
आलिया ने बताया कि उनकी बेटी राहा हारने पर उसे गलत मानती है। इस पर सद्गुरु ने सलाह दी कि बच्चों को नैतिक भाषण देने के बजाय माता-पिता खुद उदाहरण बनें।
उन्होंने कहा कि खेल को सहजता से लें, ताकि बच्चे भी जीत और हार को सामान्य रूप से स्वीकार करना सीखें।
बच्चों की जिज्ञासा को दबाएं नहीं
जब आलिया ने बच्चों के अजीब सवालों को लेकर सवाल किया, तो सद्गुरु ने कहा कि हर सवाल का जवाब देना जरूरी नहीं है।
अगर जवाब न पता हो, तो बच्चों के साथ मिलकर उसे खोजें। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में जानकारी से ज्यादा जागरूकता और आनंद महत्वपूर्ण होंगे।
अच्छी पैरेंटिंग का मंत्र
सद्गुरु ने कहा कि “पैरेंटिंग” शब्द को बोझ की तरह न लें।
माता-पिता को बच्चों के लिए दोस्त और मार्गदर्शक बनना चाहिए, न कि नियंत्रक। उन्होंने कहा कि पैरेंटिंग परफेक्शन नहीं, बल्कि साथ मिलकर सीखने की यात्रा है।
आलिया भट्ट और सद्गुरु की इस बातचीत ने यह स्पष्ट किया कि बच्चों की परवरिश में सबसे अहम चीज़ है—खुशहाल माहौल, सकारात्मक व्यवहार और सीखने की खुली सोच। एक अच्छे माता-पिता बनने के लिए पहले खुद बेहतर इंसान बनना जरूरी है।
