एंकर (स्टूडियो से):
नमस्कार, आप देख रहे हैं आवाज़ प्लस। टी20 वर्ल्ड कप 2026, जहां भारत ने शानदार जीत दर्ज कर तीसरी बार खिताब अपने नाम किया, अब एक नए विवाद में घिरता नजर आ रहा है। टूर्नामेंट खत्म होने के एक महीने बाद मैच फिक्सिंग के गंभीर आरोप सामने आए हैं, जिस पर इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल यानी ICC की एंटी-करप्शन यूनिट ने जांच शुरू कर दी है।

रिपोर्ट (वॉइस ओवर):
यह मामला कनाडा और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए टूर्नामेंट के 31वें मुकाबले से जुड़ा है। आरोप है कि इस मैच के दौरान कनाडा टीम के कप्तान दिलप्रीत बाजवा द्वारा फेंका गया एक ओवर संदिग्ध था। इस ओवर में नो-बॉल, वाइड और कुल 15 रन खर्च किए गए, जिससे मैच की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, ICC की एंटी-करप्शन यूनिट खास तौर पर न्यूजीलैंड की पारी के पांचवें ओवर की जांच कर रही है। हालांकि, इससे पहले भी कनाडा के गेंदबाज जसकरण सिंह और डिलोन हेलिगर महंगे ओवर डाल चुके थे, जबकि साद बिन जफर ने एक विकेट मेडन ओवर फेंका था।
रिपोर्ट (जारी):
इस पूरे मामले ने तब तूल पकड़ा जब कनाडा के सरकारी ब्रॉडकास्टर CBC के इन्वेस्टिगेटिव शो “Fifth Estate” ने ‘Corruption, Crime and Cricket’ नाम की डॉक्यूमेंट्री प्रसारित की। इस 43 मिनट की डॉक्यूमेंट्री में कनाडा क्रिकेट में भ्रष्टाचार, टीम चयन में दबाव और संदिग्ध गतिविधियों के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
बाइट (वॉइस ओवर):
डॉक्यूमेंट्री में एक पुरानी टेलीफोन रिकॉर्डिंग का भी जिक्र है, जिसमें पूर्व कोच खुर्रम चोहान ने दावा किया कि बोर्ड के कुछ वरिष्ठ सदस्य विशेष खिलाड़ियों को टीम में शामिल कराने के लिए दबाव बना रहे थे।
एंकर (स्टूडियो क्लोज):
फिलहाल ICC की जांच जारी है और सभी की नजरें इस मामले के निष्कर्ष पर टिकी हैं। अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए बड़ा झटका हो सकता है।
आप देखते रहिए आवाज़ प्लस — सच के साथ, हर खबर पर नजर।
