रियाद: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत ने कूटनीतिक स्तर पर अपनी सक्रियता तेज कर दी है। भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने रियाद पहुंचकर सऊदी अरब के शीर्ष नेतृत्व से महत्वपूर्ण मुलाकातें कीं। इस दौरान क्षेत्रीय सुरक्षा, जारी संघर्ष और द्विपक्षीय संबंधों को लेकर व्यापक चर्चा हुई।

सऊदी नेतृत्व से अहम बैठकें
एनएसए डोभाल ने सऊदी विदेश मंत्री फैजल बिन फरहान, ऊर्जा मंत्री अब्दुलअजीज बिन सलमान और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मुसाइद अल-ऐबान के साथ अलग-अलग बैठकों में हिस्सा लिया। इन बैठकों में भारत-सऊदी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने के साथ-साथ पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
भारतीय दूतावास के अनुसार, बातचीत में आपसी हितों के मुद्दों, क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा सहयोग को लेकर सकारात्मक संवाद हुआ।
पश्चिम एशिया संकट पर भारत की नजर
डोभाल की यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया में संघर्ष गहराता जा रहा है और वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ रही है। भारत इस पूरे घटनाक्रम पर करीब से नजर बनाए हुए है और अपने सहयोगी देशों के साथ लगातार संपर्क में है।
पाकिस्तान की कोशिशें नाकाम, भारत सक्रिय
हाल के दिनों में पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की कोशिश की थी, लेकिन शुरुआती दौर की बातचीत बेनतीजा रही। ऐसे में भारत ने खाड़ी देशों के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करने की रणनीति पर काम तेज कर दिया है।
भारत की प्राथमिकताएं क्या हैं?
- खाड़ी देशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना
- ऊर्जा और आर्थिक सहयोग को मजबूत करना
- क्षेत्रीय शांति और स्थिरता में सक्रिय भूमिका निभाना
भारत का यह कूटनीतिक कदम साफ संकेत देता है कि बदलते वैश्विक समीकरणों के बीच नई दिल्ली अपनी रणनीतिक स्थिति को और मजबूत करने में जुटी है।
