बर्लिन/मूर्स: जर्मनी के मूर्स शहर स्थित गुरुद्वारा सिंह सभा में रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब दो गुटों के बीच पुराना विवाद अचानक हिंसक झड़प में बदल गया। इस घटना में कम से कम 11 लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है, जबकि कुछ रिपोर्ट्स में घायलों की संख्या 40 से अधिक बताई जा रही है।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, गुरुद्वारे में प्रार्थना के लिए जुटे लोगों के बीच पहले कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। बताया जा रहा है कि झड़प के दौरान पेपर स्प्रे का इस्तेमाल किया गया, जिससे भगदड़ मच गई। इसके बाद कुछ लोगों ने चाकू, कृपाण और अन्य हथियारों से हमला करना शुरू कर दिया।
घटना के दौरान गोली चलने जैसी आवाज भी सुनाई दी, हालांकि शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि यह किसी ब्लैंक हथियार से निकली आवाज हो सकती है।
भगदड़ में दहशत, श्रद्धालु जान बचाकर भागे
हिंसा बढ़ते ही गुरुद्वारे में मौजूद श्रद्धालुओं के बीच दहशत फैल गई। कई लोग बिना जूते-चप्पल के ही बाहर भागते नजर आए। स्थिति इतनी भयावह थी कि कुछ लोगों की पगड़ियां तक उतर गईं, जो सिख धर्म में सम्मान का प्रतीक मानी जाती हैं।
प्रबंधन विवाद बना मुख्य कारण
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह विवाद गुरुद्वारे के प्रबंधन को लेकर लंबे समय से चल रहा था। पुरानी और नई कमेटी के सदस्यों के बीच सत्ता और नियंत्रण को लेकर टकराव था। गुरुद्वारे की गोलक और वित्तीय मामलों को लेकर भी मतभेद बताए जा रहे हैं। हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी एक कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
भारी पुलिस बल तैनात, जांच जारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए करीब 100 पुलिसकर्मियों को मौके पर तैनात किया गया। जर्मनी की विशेष कमांडो यूनिट SEK को भी बुलाया गया। हेलीकॉप्टर के जरिए इलाके की निगरानी की गई और पूरे क्षेत्र को घेर लिया गया।
पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है और मामले की जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना न सिर्फ कानून-व्यवस्था बल्कि धार्मिक स्थलों की गरिमा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
