ईरान ने मिसाइल ताकत का किया प्रदर्शन, IRGC की रैली में बैलिस्टिक लॉन्चर; अमेरिका-इजरायल को सख्त संदेश

लखनऊ/तेहरान/वॉशिंगटन (आवाज़ प्लस):
ईरान और अमेरिका के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अपनी सैन्य शक्ति का खुला प्रदर्शन किया है। मंगलवार देर रात समर्थकों की रैलियों के बीच इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के जवान मोबाइल लॉन्चर पर बैलिस्टिक मिसाइलों के साथ नजर आए, जिससे क्षेत्रीय तनाव और गहरा गया है।

ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार, तेहरान में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान खोर्रमशहर-4 और क़द्र (Qadr) जैसी बैलिस्टिक मिसाइलों का प्रदर्शन किया गया। इन मिसाइलों की खासियत यह है कि ये क्लस्टर म्यूनिशन यानी छोटे-छोटे बम छोड़ने में सक्षम हैं, जिससे बड़े इलाके को निशाना बनाया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान हथियारों से लैस समर्थक मिसाइलों के ऊपर सवार दिखाई दिए, जो एक स्पष्ट शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है।

इस घटनाक्रम को अमेरिका और इजरायल के लिए सीधे संदेश के तौर पर देखा जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब मध्य-पूर्व में सैन्य और ऊर्जा ठिकानों को लेकर तनाव चरम पर है।

ट्रंप ने बढ़ाई सीजफायर की समय-सीमा
दूसरी ओर, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी तनाव के बीच सीजफायर की समय-सीमा को आगे बढ़ा दिया है। पहले इसे आगे न बढ़ाने के संकेत देने वाले ट्रंप अब कूटनीतिक दबाव में नजर आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के अनुरोध पर यह फैसला लिया गया।

हालांकि, ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी भी दी। अपने सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने कहा कि अगर ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य खुला रखने दिया गया, तो उसके साथ कोई समझौता संभव नहीं होगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका सख्त कार्रवाई कर सकता है।

संयुक्त राष्ट्र की अपील—तनाव घटाएं
इस पूरे घटनाक्रम पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे “तनाव कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम” बताया है। उन्होंने सभी पक्षों से अपील की है कि वे संघर्षविराम का सम्मान करें और बातचीत के जरिए स्थायी समाधान की दिशा में आगे बढ़ें।

यूएन प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि यह समय संयम बरतने और कूटनीतिक प्रयासों को मजबूत करने का है। संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान की मध्यस्थता भूमिका का भी समर्थन किया है और उम्मीद जताई है कि इससे क्षेत्र में शांति बहाल करने में मदद मिलेगी।

ईरान द्वारा मिसाइल प्रदर्शन और अमेरिका की कूटनीतिक रणनीति में बदलाव यह संकेत दे रहे हैं कि मध्य-पूर्व में स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या बातचीत के जरिए तनाव कम होता है या हालात और बिगड़ते हैं।

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