आवाज़ प्लस | विशेष रिपोर्ट
मुंबई/नई दिल्ली। बॉलीवुड के मशहूर कॉमेडियन राजपाल यादव ने लंबे समय से चल रहे चेक बाउंस केस को लेकर पहली बार खुलकर अपनी बात रखी है। हाल ही में तिहाड़ जेल से रिहाई के बाद उन्होंने इस पूरे विवाद को “सिर्फ पैसों का नहीं, बल्कि सिद्धांतों की लड़ाई” बताया है।

🎙️ पॉडकास्ट में किया बड़ा खुलासा
एक बातचीत के दौरान राजपाल यादव ने कहा कि मामला महज ₹5 करोड़ का नहीं था, बल्कि परिस्थितियों और कानूनी जटिलताओं के कारण उन्हें ₹17 से ₹22 करोड़ तक का भारी नुकसान उठाना पड़ा।
उन्होंने कहा,
“अगर ये सिर्फ 5 करोड़ का मामला होता, तो 2012 में ही खत्म हो जाता।”
⚖️ क्या है पूरा मामला
यह विवाद साल 2010 में शुरू हुआ था, जब उन्होंने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए ₹5 करोड़ का कर्ज लिया था। फिल्म के फ्लॉप होने के बाद वह रकम चुका नहीं सके, जिसके चलते मामला कोर्ट तक पहुंचा।
- 2018: अदालत ने उन्हें दोषी ठहराया
- सजा: 6 महीने की जेल
- बढ़ती राशि: ब्याज और कानूनी प्रक्रिया से करीब ₹9 करोड़
इस साल फरवरी में भुगतान न कर पाने के कारण उन्होंने आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद उन्हें तिहाड़ जेल भेजा गया। बाद में उन्हें अंतरिम जमानत मिल गई।
🤝 इंडस्ट्री का मिला साथ
इस कठिन दौर में कई फिल्मी हस्तियों ने उनका समर्थन किया, जिनमें सोनू सूद और मीका सिंह प्रमुख रहे।
🎬 करियर पर नहीं पड़ा ब्रेक
कानूनी चुनौतियों के बावजूद राजपाल यादव ने काम जारी रखा। हाल ही में वह फिल्म ‘भूत बंगला’ में नजर आए, जिसमें उनके साथ अक्षय कुमार, परेश रावल और तब्बू जैसे बड़े कलाकार शामिल हैं।
आने वाले समय में वह ‘वेलकम टू द जंगल’ जैसी फिल्मों में भी दिखाई देंगे।
राजपाल यादव का कहना है कि यह मामला केवल आर्थिक नहीं था, बल्कि विश्वास, परिस्थितियों और सिस्टम की जटिलताओं से जुड़ा हुआ था। अब वे इस विवाद को खत्म कर आगे बढ़ने और अपने करियर पर ध्यान देने के लिए तैयार हैं।
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