कोलकाता/जोरासांको:
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के मद्देनज़र सियासी सरगर्मी तेज़ हो गई है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कोलकाता के जोरासांको विधानसभा क्षेत्र में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर तीखा हमला बोला।

योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में आरोप लगाया कि पहले कांग्रेस और उसके बाद वामपंथी सरकारों ने पश्चिम बंगाल को “लूटा” और अब पिछले 15 वर्षों में TMC राज्य को “कंगाल बनाने” का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जनता अब इस राजनीतिक चक्र को बदलने के लिए तैयार है।
“बंगाल की अस्मिता से खिलवाड़ नहीं”
मुख्यमंत्री योगी ने बंगाल की सांस्कृतिक पहचान का मुद्दा उठाते हुए कहा कि “बंगाल की पहचान माँ काली से है, न कि किसी और प्रतीक से।” उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की अस्मिता को बदलने की कोशिश की जा रही है, जिसका जवाब जनता चुनाव में देगी।
कानून-व्यवस्था पर निशाना
योगी आदित्यनाथ ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि बंगाल में धार्मिक आयोजनों पर रोक लगाई जाती है और अराजकता का माहौल है। उन्होंने आरोप लगाया कि “यहां गौहत्या होती है और भगवान राम के नाम से भी परहेज़ किया जाता है।”
उन्होंने उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां “नो कर्फ्यू, नो दंगा, यूपी में है सब चंगा” की स्थिति है और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है।
‘बुलडोजर नीति’ का जिक्र
अपने भाषण में योगी ने कहा कि यूपी में जो भी कानून-व्यवस्था को चुनौती देता है, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होती है। उन्होंने कहा, “माफिया या गुंडा कहीं भी सिर उठाता है तो बुलडोजर उसके खिलाफ कार्रवाई करता है।”
चुनावी रणनीति का हिस्सा
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, योगी आदित्यनाथ के इस बयान को भाजपा की आक्रामक चुनावी रणनीति के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें कानून-व्यवस्था और सांस्कृतिक पहचान को प्रमुख मुद्दा बनाया गया है।
दो चरणों में होगा मतदान
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव दो चरणों में आयोजित होंगे। पहले चरण की वोटिंग 23 अप्रैल को और दूसरे चरण की वोटिंग 29 अप्रैल को होगी। चुनाव परिणामों पर पूरे देश की नजर बनी हुई है।
