आवाज़ प्लस | पश्चिम बंगाल चुनाव विशेष
कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। झाड़ग्राम जिले के गोपीबल्लभपुर सीट से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के विधायक डॉ. खगेंद्रनाथ महतो ने पार्टी को बड़ा झटका देते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है। उनके इस कदम को चुनावी समीकरणों में अहम बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।

इस मौके पर पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता Suvendu Adhikari भी मौजूद रहे। उन्होंने महतो का पार्टी में स्वागत करते हुए कहा कि राज्य में भाजपा के पक्ष में माहौल बन रहा है और जनता परिवर्तन चाहती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होंगे।
टिकट न मिलने से नाराजगी बनी वजह
सूत्रों के अनुसार, डॉ. महतो को इस बार TMC से टिकट नहीं मिला था, जिससे वे नाराज चल रहे थे। इसी नाराजगी के चलते उन्होंने आखिरी समय में पार्टी छोड़कर BJP ज्वाइन कर ली। उनके इस फैसले को स्थानीय स्तर पर TMC के लिए झटका माना जा रहा है।
चुनावी कार्यक्रम और मुकाबला
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में होंगे, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी। राज्य की कुल 294 सीटों पर मतदान होना है। इस बार मुख्य मुकाबला Trinamool Congress और Bharatiya Janata Party के बीच माना जा रहा है, जबकि कांग्रेस और वाम दल भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश में हैं।
सत्ता की जंग तेज
राज्य में फिलहाल Mamata Banerjee के नेतृत्व में TMC की सरकार है, जो सत्ता बरकरार रखने के लिए जोर लगा रही है। वहीं BJP इस चुनाव को पश्चिम बंगाल में अपनी सरकार बनाने के बड़े मौके के रूप में देख रही है। दोनों ही दलों ने प्रचार अभियान में पूरी ताकत झोंक दी है।
अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जनता किसे सत्ता की चाबी सौंपती है—मौजूदा सरकार को या फिर बदलाव के दावेदारों को।
