लखनऊ/डेस्क:
इजरायल और लेबनान के बीच तनाव एक बार फिर खुली झड़प में बदलता दिख रहा है। दक्षिणी लेबनान में सक्रिय उग्रवादी संगठन Hezbollah ने इजरायली सेना Israel Defense Forces (IDF) के काफिले पर FPV ड्रोन से हमला किया। हालांकि यह हमला अपने तय लक्ष्य को भेदने में विफल रहा।

क्या हुआ हमले में?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, IDF सैनिक दक्षिणी लेबनान में घायल जवानों को निकालने (CASEVAC) के मिशन पर थे। इसी दौरान हिजबुल्लाह ने फर्स्ट पर्सन व्यू (FPV) ड्रोन के जरिए हमला किया। वायरल वीडियो में ड्रोन सैनिकों और हेलीकॉप्टर के बेहद करीब पहुंचता नजर आता है, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
सैनिकों ने तुरंत जवाबी कार्रवाई करते हुए ड्रोन पर फायरिंग शुरू कर दी। एक ड्रोन को हवा में ही मार गिराया गया, जबकि दूसरा ड्रोन लक्ष्य से चूककर पास में गिरकर फट गया।
नुकसान कितना हुआ?
हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि उसने इजरायली सैनिकों और सैन्य वाहनों को नुकसान पहुंचाया है। हालांकि IDF की ओर से इस हमले को असफल बताया गया है और किसी भी सैनिक की मौत या गंभीर रूप से घायल होने की पुष्टि नहीं की गई है।
ड्रोन बना नया हथियार
रॉकेट और मिसाइल के बाद अब FPV ड्रोन हिजबुल्लाह की रणनीति का अहम हिस्सा बन चुके हैं। ये ड्रोन छोटे, तेज और कम लागत वाले होते हैं, जिनका इस्तेमाल टैंक, बख्तरबंद गाड़ियों और सैनिकों को निशाना बनाने में किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह ट्रेंड Russia-Ukraine War से प्रेरित है, जहां ऐसे ड्रोन युद्ध का अहम हिस्सा बन चुके हैं।
सीमा पर बढ़ता तनाव
इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच दक्षिणी लेबनान में लगातार झड़पें जारी हैं। दोनों पक्षों की ओर से ड्रोन और मिसाइल हमले तेज हो गए हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
हालिया हमला भले ही अपने लक्ष्य को भेदने में असफल रहा हो, लेकिन यह साफ संकेत है कि इजरायल-लेबनान सीमा पर हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं और किसी भी वक्त बड़ा संघर्ष भड़क सकता है।
