आवाज प्लस | विशेष रिपोर्ट
पश्चिम बंगाल के चुनावी माहौल के बीच एक नया राजनीतिक विवाद सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद Mahua Moitra के खिलाफ दिल्ली के मंदिर मार्ग साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सोशल मीडिया पर एक कथित “फेक AI वीडियो” वायरल कर चुनावी माहौल को प्रभावित करने की कोशिश की गई।

AI वीडियो से छवि खराब करने का आरोप
शिकायतकर्ता का दावा है कि वायरल वीडियो में उत्तर प्रदेश कैडर के चर्चित IPS अधिकारी Ajay Pal Sharma की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया। आरोप है कि यह वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक की मदद से तैयार किया गया हो सकता है, जिससे आम जनता के बीच भ्रम फैलाया जा सके।
वायरल वीडियो से बढ़ा विवाद
विवाद तब और गहरा गया जब एक वीडियो सामने आया, जिसमें अजय पाल शर्मा कथित रूप से कुछ उपद्रवियों और एक TMC उम्मीदवार को चेतावनी देते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में चुनाव प्रक्रिया में बाधा डालने पर सख्त कार्रवाई की बात कही गई है। हालांकि, इस वीडियो की सत्यता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
TMC का पलटवार
तृणमूल कांग्रेस ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि यदि कोई अधिकारी संविधान के खिलाफ कार्य करता है, तो पार्टी कानूनी कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगी। पार्टी नेताओं का कहना है कि इस तरह के वीडियो का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है।
अखिलेश यादव ने भी साधा निशाना
समाजवादी पार्टी के प्रमुख Akhilesh Yadav ने भी इस विवाद में एंट्री लेते हुए अजय पाल शर्मा को “भाजपा का एजेंट” बताया। उनके इस बयान के बाद सियासी बयानबाजी और तेज हो गई है।
चुनावी माहौल में बढ़ी सियासी गर्मी
पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान से पहले इस विवाद ने राजनीतिक तापमान को और बढ़ा दिया है। एक ओर जहां AI तकनीक के दुरुपयोग को लेकर चिंता जताई जा रही है, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक दल इसे चुनावी हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने के आरोप-प्रत्यारोप में लगे हैं।
यह मामला सिर्फ एक FIR तक सीमित नहीं है, बल्कि यह चुनावी राजनीति, डिजिटल प्रोपेगैंडा और AI तकनीक के संभावित दुरुपयोग पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आने वाले दिनों में जांच और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं के आधार पर यह मुद्दा और बड़ा रूप ले सकता है।
