📰 आवाज़ प्लस | विशेष समाचार रिपोर्ट
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल चरम पर पहुंच गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य में चुनावी अभियान को धार देते हुए आज ताबड़तोड़ तीन रैलियों को संबोधित किया और मतदाताओं के सामने 6 बड़ी गारंटी पेश कीं।

प्रधानमंत्री ने अपनी पहली रैली पूर्वी मेदिनीपुर के हल्दिया में की, इसके बाद आसनसोल और फिर बीरभूम में जनसभाओं को संबोधित किया। इन रैलियों में उन्होंने राज्य की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “टीएमसी के गुंडे अब नहीं बचेंगे” और कानून-व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।
🔥 पीएम मोदी की प्रमुख घोषणाएं और हमले
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में राज्य के सरकारी कर्मचारियों को साधते हुए सातवां वेतन आयोग लागू करने का वादा किया। इसके साथ ही उन्होंने विकास, रोजगार, भ्रष्टाचार पर रोक और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर जोर दिया।
उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि बंगाल में “कट मनी, भ्रष्टाचार और हिंसा” का दौर खत्म करने का समय आ गया है।
🗳️ राजनीतिक मुकाबला: भाजपा बनाम तृणमूल
इस बार का चुनाव सीधा मुकाबला सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच माना जा रहा है।
- भाजपा जहां “बंगाल फतह” के मिशन में जुटी है
- वहीं ममता बनर्जी अपने मजबूत गढ़ को बचाने के लिए पूरी ताकत लगा रही हैं
अमित शाह पहले से ही राज्य में सक्रिय हैं और अब प्रधानमंत्री मोदी की एंट्री से चुनावी लड़ाई और तेज हो गई है।
📅 चुनाव कार्यक्रम
चुनाव आयोग के अनुसार:
- पहला चरण: 23 अप्रैल
- दूसरा चरण: 29 अप्रैल
- नतीजे: 4 मई
राज्य की कुल 294 विधानसभा सीटों पर मतदान होना है।
🧭 निष्कर्ष
पश्चिम बंगाल में इस बार चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन नहीं बल्कि राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई बन चुका है। पीएम मोदी की रैलियों और घोषणाओं ने चुनावी माहौल को और अधिक गर्म कर दिया है। अब देखना होगा कि मतदाता किसके पक्ष में फैसला सुनाते हैं।
