लखनऊ:
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग ने महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से राज्यभर में सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। एक याचिका पर सुनवाई के बाद आयोग ने मुख्य सचिव को 9 सूत्रीय आदेश लागू करने के निर्देश दिए हैं, जिनका सीधा असर डांस क्लास, जिम, योगा सेंटर, बुटीक और कोचिंग संस्थानों पर पड़ेगा।

क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, अधिवक्ता प्रवीण फाइटर द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए महिला आयोग ने यह फैसला लिया। आयोग का मानना है कि इन संस्थानों में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट और सख्त नियम जरूरी हैं।
मुख्य निर्देश क्या हैं?
जारी निर्देशों के अनुसार:
- लड़कियों को डांस सिखाने के लिए अब महिला टीचर अनिवार्य होगी।
- जिम, योगा सेंटर और नाट्य कला केंद्रों में महिला ट्रेनर की नियुक्ति जरूरी होगी।
- सभी ट्रेनर्स और स्टाफ का पुलिस सत्यापन अनिवार्य किया गया है।
- बुटीक में महिला ग्राहकों के कपड़ों की नाप केवल महिला टेलर ही लेंगी।
- महिलाओं के वस्त्र बेचने वाली दुकानों पर महिला स्टाफ रखना अनिवार्य होगा।
- कोचिंग सेंटर, जिम और योगा क्लास में CCTV और DVR का होना जरूरी होगा।
- स्कूल बसों में महिला सुरक्षाकर्मी या महिला टीचर की मौजूदगी अनिवार्य की गई है।
- जिम और योगा सेंटर में प्रवेश के समय पहचान पत्र की कॉपी जमा करनी होगी।
- कोचिंग संस्थानों में उचित वॉशरूम और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।
क्या होगा असर?
महिला आयोग के इन निर्देशों से राज्य में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर एक मजबूत ढांचा तैयार होने की उम्मीद है। हालांकि, इन नियमों के लागू होने के बाद संस्थानों को अपनी व्यवस्थाओं में बदलाव करना होगा, जिससे शुरुआती स्तर पर कुछ चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं।
महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उठाया गया यह कदम राज्य में एक नई व्यवस्था की शुरुआत कर सकता है। अब देखना होगा कि इन निर्देशों का पालन जमीनी स्तर पर किस तरह सुनिश्चित किया जाता है।
