लखनऊ में बिजली चोरी का खुलासा: 8 लोगों पर मुकदमा, खंभों से जोड़ रहे थे अवैध तार

लखनऊ में बिजली चोरी पर विजिलेंस की सर्जिकल स्ट्राइक: खंभों से जोड़कर चला रहे थे घरेलू उपकरण, आठ पर FIR दर्ज

लखनऊ में बिजली चोरी की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए बिजली विभाग की विजिलेंस टीम ने सख्त कार्रवाई करते हुए सोमवार सुबह ताबड़तोड़ छापेमारी की। अवर अभियंता आरबी वर्मा के नेतृत्व में कदम रसूल, मदेयगंज और रमबगिया इलाकों में एक साथ रेड की गई, जहां लंबे समय से अवैध बिजली उपयोग की शिकायतें मिल रही थीं।

रेड के दौरान टीम ने देखा कि कई लोग बिना वैध कनेक्शन के सीधे खंभों से तार जोड़कर घरेलू बिजली उपकरण चला रहे थे। इससे न केवल राजस्व का बड़ा नुकसान हो रहा था, बल्कि यह सुरक्षा की दृष्टि से भी गंभीर खतरा था।

जांच में तहमीना पत्नी एजाज उल्ला, मो. आरिफ पुत्र मो. यामीन, अब्दुल गफ्फार पुत्र अब्दुल जब्बार, मो. एकलाख पुत्र हाजी खुदा बख्श, शमसुद्दीन पुत्र अख्तर अली, मो. आरिफ पुत्र स्व. मो. वहीद, समुद्र पुत्र स्व. अहमद रजा और मो. फारूक पुत्र स्व. मकबूल हसन के नाम सामने आए, जो सभी गैरकानूनी रूप से बिजली का उपयोग कर रहे थे।

बिजली विभाग ने इन सभी आरोपियों के खिलाफ विद्युत अधिनियम की धारा 135 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। यह धारा बिजली चोरी के मामलों में कठोर दंड का प्रावधान करती है, जिसमें जुर्माने से लेकर जेल तक की सजा हो सकती है।

अवर अभियंता आर बी वर्मा ने बताया कि इस तरह की गतिविधियां क्षेत्र की बिजली आपूर्ति को बाधित करती हैं और विभाग को भारी वित्तीय नुकसान पहुंचाती हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विजिलेंस की यह कार्रवाई केवल शुरुआत है और आगे भी नियमित जांच जारी रहेंगी।

विभाग ने सभी उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे वैध कनेक्शन लें और समय पर बिल का भुगतान करें, ताकि क्षेत्र में बिना रुकावट बिजली आपूर्ति जारी रह सके। साथ ही चेतावनी दी कि बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यह मामला एक बार फिर दर्शाता है कि बिजली चोरी न केवल गैरकानूनी है, बल्कि इससे पूरे क्षेत्र की ऊर्जा आपूर्ति भी खतरे में पड़ जाती है। ऐसी कार्रवाइयों से उम्मीद की जा सकती है कि लोग सतर्क होंगे और बिजली का उपयोग नियमों के अनुसार करेंगे।

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