ऊर्जा मंत्री एके शर्मा का बिजली विभाग को अल्टीमेटम — उपभोक्ताओं को परेशान किया तो होगी सख्त कार्रवाई

उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री एवं नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने एक बार फिर बिजली विभाग की लापरवाह और उपभोक्ता-विरोधी कार्यशैली पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “बिजली उपभोक्ताओं की संतुष्टि और सुविधा सर्वोपरि है, किसी भी तरह की मनमानी, भ्रष्टाचार या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

🔍 समीक्षा बैठक में खुलकर बोली सख्ती

लखनऊ स्थित शक्ति भवन में बिजली विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मंत्री ने खासतौर पर निम्नलिखित मुद्दों पर गहरी चिंता और असंतोष जताया:

छोटे बकायेदारों का कनेक्शन काटना बंद हो

ऊर्जा मंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि यदि कोई उपभोक्ता कुछ सौ या हजार रुपये का बकाया है, तो उसका कनेक्शन काटना पूरी तरह अन्यायपूर्ण है।
👉 उन्होंने कहा:

गाँव के कुछ उपभोक्ताओं के नाम पर पूरे फीडर की बिजली काट देना अनुचित है। छोटे बकायेदारों को परेशान नहीं किया जाए।
उन्होंने निर्देश दिया कि बकायेदारों के लिए अलग और न्यायसंगत प्रक्रिया अपनाई जाए।

📄  गलत बिलिंग पर नाराज़गी

मंत्री ने बताया कि उन्हें ऐसी कई शिकायतें मिली हैं, जिनमें उपभोक्ताओं को गलत, फर्जी और अत्यधिक बिल थमा दिए गए।
🔹 उदाहरण: एक साधारण उपभोक्ता को 72 करोड़ रुपये का बिल भेजा गया।
🔸 उन्होंने कहा:

कंप्यूटर युग में इतनी बड़ी गलती कैसे संभव है? ये भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाला कृत्य है।
उन्होंने साफ कहा कि बिल सुधार के नाम पर रिश्वतखोरी कतई बर्दाश्त नहीं होगी और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

🔧 ट्रांसफार्मर की देरी पर जताई चिंता

मंत्री ने विभाग को फटकारते हुए कहा कि कई बार ट्रांसफार्मर जल जाने के बाद रिपोर्ट बनने में भी कई दिन लग जाते हैं, जबकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्र की जनता घंटों-अंधेरे में रहती है।

ट्रांसफार्मर बदलने में देरी अब बर्दाश्त नहीं होगी।
इसके लिए उन्होंने स्टोर क्षमता बढ़ाने और त्वरित मरम्मत के निर्देश दिए।

🕵️ बिजली चोरी रोकने में भेदभाव पर सवाल

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि बिजली चोरी रोकने के नाम पर विजिलेंस टीमें छोटे दुकानदारों और गरीब उपभोक्ताओं को डराकर वसूली कर रही हैं, जबकि बड़े और संगठित चोरों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही।

गलत जगह छापेमारी हो रही है, जहां असली चोरी हो रही है, वहां कोई विजिलेंस नहीं जाता। यह भ्रष्टाचार है।
उन्होंने आदेश दिया कि विजिलेंस की रणनीति को पुनः संशोधित किया जाए।

👷 संविदा कर्मियों की बर्खास्तगी पर नाराजगी

ऊर्जा मंत्री ने विभाग द्वारा कुशल संविदा कर्मियों को हटाकर अकुशल और गैर-पारदर्शी तरीके से लोगों की नियुक्ति पर गहरी चिंता व्यक्त की।

योग्य लोगों को बाहर कर दिया गया है, यह विभाग की दक्षता को कम कर रहा है।
उन्होंने इन नियुक्तियों की समीक्षा के आदेश दिए और दोषियों पर कार्रवाई की बात कही।

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