डेस्क रिपोर्ट | आवाज़ प्लस
प्रशांत महासागर के छोटे से द्वीपीय देश समोआ ने एक बार फिर क्रिकेट जगत में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। करीब 2 लाख की आबादी वाले इस देश की महिला क्रिकेट टीम ने लगातार दूसरी बार अंडर-19 महिला टी20 वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई कर इतिहास रच दिया है।

पापुआ न्यू गिनी में खेले गए 2026 ईस्ट एशिया-पैसिफिक क्वालिफायर में समोआ की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बिना एक भी मैच गंवाए ट्रॉफी अपने नाम की। ओलिव लेफागा लेमोए की कप्तानी में टीम ने फिजी, इंडोनेशिया, वानुअतु और मेजबान पापुआ न्यू गिनी को हराकर अपना दबदबा कायम रखा।
फाइनल में दमदार जीत
टूर्नामेंट के आखिरी मुकाबले में समोआ ने फिजी को हराकर अपने अभियान का शानदार समापन किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम ने 130 रन बनाए, जिसमें अवेटिया मापू ने 62 गेंदों में नाबाद 67 रन की शानदार पारी खेली। जवाब में फिजी की टीम महज 72 रन पर सिमट गई और समोआ ने एकतरफा जीत दर्ज की।
पूरे टूर्नामेंट में दिखाया दम
समोआ ने अपने अभियान की शुरुआत वानुअतु के खिलाफ 58 रन की जीत से की। इसके बाद इंडोनेशिया को 53 रन से हराया। पापुआ न्यू गिनी के खिलाफ एक मुकाबले में टीम 58 रन पर ऑलआउट हो गई थी, लेकिन गेंदबाजों ने शानदार वापसी करते हुए विरोधी टीम को 48 रन पर ढेर कर दिया। इस मैच में हार्डिया पड्डा (4/9) और टेलेसिया वाओआला गैब्रियल (4/7) ने बेहतरीन प्रदर्शन किया।
गेंदबाजों ने निभाई अहम भूमिका
पूरे टूर्नामेंट में टेलेसिया वाओआला गैब्रियल और हार्डिया पड्डा की गेंदबाजी टीम की सबसे बड़ी ताकत साबित हुई। फाइनल में भी गैब्रियल ने 4 विकेट लेकर जीत में अहम योगदान दिया।
फिर रचा इतिहास
समोआ इस बार रीजनल क्वालिफिकेशन के जरिए वर्ल्ड कप में जगह बनाने वाली पहली टीम बन गई है। इससे पहले 2024 में भी टीम ने इसी क्वालिफायर को जीतकर पहली बार किसी भी आयु वर्ग के वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई किया था।
अब कप्तान लेफागा लेमोए की अगुवाई में समोआ की नजर अगले साल होने वाले वर्ल्ड कप में अपनी पहली जीत दर्ज करने पर होगी।
