लखनऊ/केरल।
केरल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों में एक अप्रत्याशित राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। बिहार की राजनीति से जुड़ी लालू प्रसाद यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने पहली बार केरल में जीत दर्ज कर राजनीतिक हलकों में चर्चा छेड़ दी है।

कुथुपरम्बा सीट पर RJD का कब्जा
केरल की कुथुपरम्बा विधानसभा सीट पर RJD प्रत्याशी पी.के. प्रवीण ने जीत हासिल की। उन्होंने इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) की उम्मीदवार जयंती राजन को 1,286 वोटों के अंतर से हराया।
- पी.के. प्रवीण (RJD): 70,448 वोट
- जयंती राजन (IUML): 69,162 वोट
इस जीत के साथ ही RJD ने केरल में अपना खाता खोल लिया, जो पार्टी के विस्तार की दिशा में एक अहम संकेत माना जा रहा है।
BJP तीसरे स्थान पर
इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) तीसरे स्थान पर रही। हालांकि पार्टी को सीट नहीं मिली, लेकिन उसके वोट प्रतिशत में बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसे भविष्य के लिए संकेत माना जा रहा है।
केरल की सत्ता में बदलाव
राज्य की 140 विधानसभा सीटों पर एक चरण में मतदान हुआ था और 4 मई को मतगणना पूरी हुई। इस बार के चुनाव में सत्ता परिवर्तन देखने को मिला है, जिसने राज्य की राजनीतिक दिशा को नया मोड़ दिया है।
देश में लेफ्ट की स्थिति पर सवाल
केरल में वामपंथी दलों की हार के साथ ही अब देश में लेफ्ट की कोई सरकार नहीं बची है।
- पश्चिम बंगाल में 2011 के बाद वापसी नहीं
- त्रिपुरा में 2018 में सत्ता से बाहर
- अब केरल में भी पराजय
इस पर राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राष्ट्रीय स्तर पर वामपंथी राजनीति के सामने गंभीर चुनौती खड़ी हो गई है।
कुथुपरम्बा सीट पर RJD की जीत केवल एक सीट का परिणाम नहीं, बल्कि क्षेत्रीय दलों के राष्ट्रीय विस्तार और बदलते राजनीतिक समीकरणों का संकेत है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि RJD इस सफलता को दक्षिण भारत में कितना आगे बढ़ा पाती है।
