तमिलनाडु की राजनीति में इस बार बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। अभिनेता-राजनेता थलापति विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर सबको चौंका दिया है। हालांकि, 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत होती है—ऐसे में TVK अभी भी 10 सीट दूर है।

इस चुनाव में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) और अन्नाद्रमुक (AIADMK) जैसी पारंपरिक दिग्गज पार्टियों को बड़ा झटका लगा है। यहां तक कि मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन भी चुनाव हार गए, जिससे राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं।
📞 कांग्रेस का संपर्क, बढ़ी सियासी हलचल
चुनाव नतीजों के बाद राहुल गांधी ने विजय से फोन पर बातचीत कर उन्हें बधाई दी। इसके बाद संभावित गठबंधन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। कांग्रेस का समर्थन मिलने की स्थिति में भी TVK बहुमत से 5 सीट पीछे रह सकती है, इसलिए अन्य दलों का समर्थन जरूरी होगा।
🔢 सरकार बनाने के तीन प्रमुख समीकरण
1️⃣ DMK गठबंधन के छोटे दलों के साथ
- TVK – 108
- कांग्रेस – 5
- लेफ्ट – 4
- IUML – 2
- VCK – 2
👉 कुल: 121 (स्पष्ट बहुमत)
➡️ यह सबसे सहज और स्थिर विकल्प माना जा रहा है, क्योंकि छोटे दल सत्ता में हिस्सेदारी के बदले समर्थन दे सकते हैं।
2️⃣ दोनों खेमों के छोटे दलों को साथ लाना
- TVK – 108
- कांग्रेस – 5
- PMK – 4
- IUML – 2
- VCK – 2
👉 कुल: 121
➡️ यह “मिश्रित गठबंधन” मॉडल होगा, जिसमें विचारधारात्मक संतुलन साधना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
3️⃣ AIADMK के साथ सीधा गठबंधन (सबसे मजबूत विकल्प)
- TVK – 108
- AIADMK – 47
👉 कुल: 155 (मजबूत बहुमत)
➡️ यह सबसे स्थिर और निर्णायक सरकार दे सकता है, लेकिन राजनीतिक समझौते बड़े स्तर पर करने पड़ेंगे।
🧭 आगे क्या?
सूत्रों के मुताबिक TVK नेतृत्व सभी विकल्पों पर गंभीरता से विचार कर रहा है। मंत्रिमंडल में सहयोगी दलों को शामिल करने की रणनीति भी बन रही है ताकि गठबंधन सरकार स्थिर रह सके।
तमिलनाडु की राजनीति अब पूरी तरह “विजय फैक्टर” के इर्द-गिर्द घूम रही है। आने वाले 24–48 घंटे यह तय करेंगे कि राज्य में नई सरकार किस समीकरण के साथ बनती है—और क्या विजय पहली बार मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचते हैं।
