नई दिल्ली: NEET पेपर लीक मामले ने अब बड़ा कानूनी मोड़ ले लिया है। यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी National Testing Agency (NTA) को भंग करने की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि मौजूदा NTA को खत्म कर संसद के कानून के तहत नई राष्ट्रीय परीक्षा संस्था बनाई जाए, जो पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह हो।

याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट से मांग की है कि केंद्र सरकार को निर्देश दिए जाएं ताकि नई परीक्षा संस्था को स्पष्ट कानूनी अधिकार मिलें और वह सीधे संसद के प्रति जवाबदेह हो। उनका कहना है कि देश की सबसे बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं का संचालन करने वाली संस्था के लिए मजबूत कानूनी ढांचा बेहद जरूरी है।
इधर, NEET पेपर लीक मामले की जांच में भी लगातार बड़े खुलासे हो रहे हैं। मामले के कथित मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी से पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस नेटवर्क में मनीषा वाघमारे समेत दो अन्य लेक्चररों की भी बड़ी भूमिका रही है। बताया जा रहा है कि ये सभी लोग NEET परीक्षा संचालन से जुड़े थे और मिलकर पेपर लीक की साजिश चला रहे थे।
CBI की जांच में यह भी सामने आया है कि छात्रों से लाखों रुपये लेने के लिए मनीषा वाघमारे के नाम से नया बैंक खाता खुलवाया गया था। फिलहाल उस खाते को सीज कर दिया गया है और पैसों के लेनदेन की जांच जारी है। वहीं, सीबीआई पीवी कुलकर्णी के फरार सहयोगियों की तलाश में पुणे और लातूर में लगातार छापेमारी कर रही है।
NEET पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में छात्रों और अभिभावकों के बीच नाराजगी बढ़ती जा रही है। अब सबकी नजर सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई और केंद्र सरकार के रुख पर टिकी है।
