Y+ सुरक्षा’ में सेंध — पटना लौटते वक्त तेजस्वी यादव के काफिले में घुसी नशे में धुत गाड़ी

बिहार के नेता प्रतिपक्ष और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव की सुरक्षा में बड़ी चूक का मामला सामने आया है। रविवार रात जब वे नवादा से पटना लौट रहे थे, उस दौरान गंगा मरीन ड्राइव पर उनके काफिले में एक तेज रफ्तार इनोवा गाड़ी घुस गई। इस वाहन ने तेजस्वी यादव की गाड़ी को ओवरटेक करने की भी कोशिश की, जिससे हड़कंप मच गया।

घटना की जगह और समय:

*स्थान: गंगा मरीन ड्राइव, सुल्तानगंज थाना क्षेत्र, पटना

*समय: रविवार रात, नवादा से वापसी के दौरान

*कार्यक्रम: नवादा में पूर्व विधायक कौशल यादव का आरजेडी में शामिल होना

कैसे हुआ हादसा?

तेजस्वी यादव का काफिला जैसे ही मरीन ड्राइव पर पहुंचा, एक सफेद इनोवा अचानक तेज़ी से काफिले के बीच घुस गई। वाहन ने तेजस्वी की गाड़ी को ओवरटेक करने का प्रयास किया। सुरक्षाकर्मी सतर्क हुए और तत्काल इनोवा को रोक कर चालक को हिरासत में लिया।

जांच में क्या निकला?

*चालक शराब के नशे में था

*उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसमें नशा करने की पुष्टि हुई

*आरोपी चालक की पहचान मोकामा निवासी के रूप में हुई है

*सुल्तानगंज थाने में मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू

“ड्राइवर शराब के नशे में था। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है और कानूनी कार्रवाई की जा रही है।”
मनोज कुमार, थानाध्यक्ष, सुल्तानगंज

तेजस्वी यादव को मिली है Y+ सुरक्षा, फिर कैसे हुई चूक?

तेजस्वी यादव को ‘वाई प्लस’ (Y+) सुरक्षा प्राप्त है, जो देश के चुनिंदा VIP नेताओं को दी जाती है। इसमें:

*11 सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं

*1-2 कमांडो, 2 पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO)

*24×7 निगरानी — घर, काफिला और यात्रा के दौरान

फिर सवाल उठता है कि इतनी सख्त सुरक्षा के बावजूद एक नशे में धुत व्यक्ति तेजस्वी के काफिले तक कैसे पहुंच गया?

क्या कहती है आरजेडी?

RJD नेताओं ने घटना को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है और कहा है कि:

“ये सिर्फ सुरक्षा में सेंध नहीं, बल्कि तेजस्वी यादव की जान को गंभीर खतरे का संकेत है। प्रशासन को इसकी उच्चस्तरीय जांच करानी चाहिए।

जनता और विशेषज्ञों के बीच सवाल:

*क्या Y+ सुरक्षा सिर्फ दिखावा है?

*क्या राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा में इतनी आसानी से चूक हो सकती है?

*क्या यह चूक जानबूझकर कराई गई या सिर्फ संयोग था?

अब आगे क्या?

घटना की प्राथमिक जांच चल रही है। यदि इसमें सुरक्षा प्रोटोकॉल की चूक पाई जाती है तो संबंधित पुलिस और सुरक्षा कर्मियों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।

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