मां ने पिता को छोड़ा, दूसरी शादी की… और बेटे ने अपनी ही मां को मौत के घाट उतार दिया..

उत्तर प्रदेश के इटावा जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसमें एक युवक ने अपनी मां को सरेआम स्कॉर्पियो से कुचलकर मार डाला। वजह? मां ने दूसरी शादी कर ली थी — और बेटे को यह गवारा नहीं था।

🧑‍🦱 हत्यारोपी: कौशल शर्मा — बेटे की आंखों में सालों से पल रहा था बदला

29 वर्षीय कौशल शर्मा, आगरा के थाना जैतपुर के खुरियापुरा गांव का निवासी है। उसके पिता संजय शर्मा के साथ वह वर्षों से रह रहा था। लेकिन उसकी मां यशोदा देवी ने करीब सात साल पहले पति को छोड़कर गांव के ही रामनिवास शर्मा से शादी कर ली थी।

कौशल के मुताबिक, मां की इस हरकत ने उसे समाज में बदनाम कर दिया। वह मानसिक रूप से आहत था और अपनी शादी नहीं हो पाने की वजह भी इसी को मानता था। धीरे-धीरे उसके अंदर क्रोध और प्रतिशोध भरता गया, और उसने मां की हत्या की साजिश रच डाली।

🔪 हत्या की पूरी साजिश: दवा दिलाने का बहाना बना, फिर कुचला

कौशल ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उसने अपने दोस्तों बॉबी और रजत के साथ मिलकर यशोदा देवी को मारने की प्लानिंग पहले से कर रखी थी

  • पहला कदम: मां को फोन करके कहा कि उन्हें दवा दिलवानी है
  • दूसरा कदम: बाइक से मां को लेने पहुंचा, फिर उन्हें एक स्कॉर्पियो में बैठा दिया।
  • तीसरा कदम: कुछ दूर ले जाकर उन्हें स्कॉर्पियो से नीचे उतारा और पीछे से गाड़ी चढ़ा दी
  • अंतिम कड़ी: शव को बलरई क्षेत्र के खंडिया पुल के पास फेंककर भाग गए।

🕵️‍♂️ पुलिस की कार्रवाई और खुलासा

  • 29 जुलाई को इटावा पुलिस को महिला का अज्ञात शव बरामद हुआ।
  • एसपी सिटी अभय नाथ त्रिपाठी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल की जांच में कौशल पर शक हुआ।
  • पुलिस ने जब कौशल से सख्ती से पूछताछ की तो उसने हत्या स्वीकार कर ली।
  • साथ ही उसके साथी बॉबी और रजत को भी गिरफ़्तार किया गया।

🔐 बरामद सामान और कानूनी कार्रवाई

  • बरामद: हत्या में प्रयुक्त स्कॉर्पियो गाड़ी, बाइक, तीन मोबाइल फोन
  • चार्ज:
  • BNS की धारा 103(1): जानबूझकर हत्या
  • धारा 201(3) और (5): सबूत मिटाने की कोशिश
  • स्टेटस: तीनों आरोपी न्यायिक हिरासत में जेल भेजे गए हैं।

⚖️ सामाजिक और मानसिक पहलू:

यह घटना एक गहरी सामाजिक और मानसिक त्रासदी को दर्शाती है।

  • क्या एक महिला को अपनी ज़िंदगी दोबारा शुरू करने का हक नहीं है?
  • क्या समाज की बंदिशें और पुरुष प्रधान सोच एक मां-बेटे के रिश्ते को नफरत में बदल सकती हैं?
  • कौशल की सोच, समाज में बदनामी का डर और शादी न हो पाने की कुंठा क्या इतनी बड़ी हो सकती है कि एक बेटा अपनी मां का कातिल बन जाए?
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