कौशाम्बी में चाइनीज मांझे के खिलाफ बड़ा अभियान: पुलिस की छापेमारी में 33 पैकेट जब्त, दुकानदारों को कड़ी चेतावनी

उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले में जानलेवा साबित हो रहे चाइनीज मांझे के खिलाफ पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए पूरे जनपद में व्यापक अभियान शुरू कर दिया है। पुलिस अधीक्षक के स्पष्ट निर्देश पर अलग-अलग थाना क्षेत्रों में टीमों का गठन कर दुकानों और संदिग्ध स्थानों पर छापेमारी की गई, जिसमें 33 छोटे-बड़े पैकेट चाइनीज मांझा बरामद किए गए।

यह कार्रवाई पतंगबाजी के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं और आम लोगों की जान को खतरे से बचाने के उद्देश्य से की जा रही है।

क्यों खतरनाक है चाइनीज मांझा?

चाइनीज मांझा सामान्य धागे की तुलना में बेहद तेज और मजबूत होता है। इससे—

  • गले और हाथ-पैर कटने जैसी गंभीर घटनाएं होती हैं,
  • बाइक सवार और राहगीर अक्सर इसकी चपेट में आ जाते हैं,
  • कई बार पक्षियों की भी दर्दनाक मौत हो जाती है।

बीते वर्षों में प्रदेश के कई जिलों से ऐसे हादसों की खबरें सामने आ चुकी हैं, जिसके बाद शासन-प्रशासन ने इस पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया हुआ है।

दुकानों पर छापेमारी, अवैध माल जब्त

पुलिस टीमों ने जिले के विभिन्न बाजारों और मोहल्लों में दुकानों की तलाशी ली। इस दौरान कई स्थानों से चाइनीज मांझा बरामद किया गया, जिसे मौके पर ही जब्त कर लिया गया।

पुलिस अधिकारियों ने दुकानदारों को सख्त चेतावनी दी कि यदि भविष्य में किसी के पास चाइनीज मांझा बेचते या जमा करते पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

आम जनता से पुलिस की अपील

पुलिस ने जिलेवासियों से अपील की है कि—

  • चाइनीज मांझा न खरीदें,
  • न बेचें और न ही इसका भंडारण करें,
  • यदि कहीं अवैध बिक्री या स्टॉक की जानकारी मिले, तो तुरंत नजदीकी थाने या पुलिस को सूचित करें।

पुलिस का कहना है कि जनसहयोग से ही इस खतरनाक प्रवृत्ति पर पूरी तरह रोक लगाई जा सकती है।

आगे भी जारी रहेगा अभियान

पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह सिर्फ एक दिन की कार्रवाई नहीं है। आने वाले दिनों में भी पूरे जिले में लगातार चेकिंग और छापेमारी की जाएगी, ताकि चाइनीज मांझे की सप्लाई चेन को पूरी तरह तोड़ा जा सके।

निष्कर्ष

कौशाम्बी पुलिस की यह पहल स्वागतयोग्य है, क्योंकि चाइनीज मांझा सीधे तौर पर आम नागरिकों की जान से जुड़ा मामला है। 33 पैकेट की बरामदगी यह दिखाती है कि अवैध बिक्री अभी भी जारी है। अब जरूरत है लगातार निगरानी और जनता की जागरूकता की, ताकि भविष्य में किसी मासूम की जान इस खतरनाक मांझे की भेंट न चढ़े।

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