आवाज़ प्लस | विशेष रिपोर्ट
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मंगलवार को अपना चुनावी घोषणापत्र जारी कर दिया। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने पार्टी का ‘संकल्प पत्र’ जारी करते हुए इसे आम जनता, खासकर महिलाओं और गरीब परिवारों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया बताया।

घोषणापत्र में सबसे बड़ा फोकस महंगाई से राहत और महिलाओं के सशक्तिकरण पर रखा गया है। BJP ने वादा किया है कि राज्य में सत्ता में आने पर हर घर को एकमुश्त 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी, ताकि बढ़ती कीमतों का असर कम किया जा सके।
महिलाओं के लिए बड़े ऐलान
पार्टी ने महिला मतदाताओं को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा की है:
- घर की महिला मुखिया को हर महीने 2,000 रुपये की सहायता
- सालाना 3 मुफ्त LPG सिलेंडर
- ई-स्कूटर खरीदने पर 25,000 रुपये की सब्सिडी
- पहली बार घर खरीदने वाली महिलाओं के लिए 3% स्टाम्प ड्यूटी में छूट
इसके अलावा घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए 8,000 रुपये के कूपन और अतिरिक्त आर्थिक सहायता योजनाओं का भी ऐलान किया गया है।
परंपरा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर जोर
घोषणापत्र में सांस्कृतिक और ग्रामीण पहलुओं को भी शामिल किया गया है:
- जल्लीकट्टू बैल पालकों को हर महीने 2,000 रुपये की मदद
- प्रतियोगिता में मृत्यु होने पर 10 लाख रुपये का मुआवजा
- बड़े मंदिरों में स्थानीय लोगों के लिए 2 घंटे का आरक्षित दर्शन स्लॉट
कानून-व्यवस्था और न्याय व्यवस्था
BJP ने राज्य में कानून व्यवस्था सुधारने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का वादा किया है, ताकि अपराध मामलों का त्वरित निपटारा हो सके।
DMK सरकार पर हमला
घोषणापत्र जारी करते हुए जेपी नड्डा ने सत्ताधारी DMK सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में नशे से जुड़े अपराधों में 51% की बढ़ोतरी हुई है और सरकार “भ्रष्टाचार और परिवारवाद” को बढ़ावा दे रही है।
उन्होंने ‘कैश फॉर जॉब’ और टेंडर घोटालों का जिक्र करते हुए DMK को “भ्रष्टाचार का रक्षक” बताया।
BJP का यह घोषणापत्र साफ तौर पर वेलफेयर, महिलाओं और सांस्कृतिक मुद्दों के संतुलन के साथ तैयार किया गया है। अब देखना होगा कि यह रणनीति तमिलनाडु के मतदाताओं को कितना प्रभावित करती है।
