लखनऊ, 14 अप्रैल 2026 (आवाज़ प्लस):
आज 14 अप्रैल को सूर्य के मेष राशि में प्रवेश के साथ मेष संक्रांति का पर्व मनाया जा रहा है। इस खास दिन पर एक अत्यंत दुर्लभ और शुभ संयोग ‘त्रिपुष्कर योग’ भी बन रहा है, जिसे ज्योतिष शास्त्र में अत्यधिक फलदायी माना गया है। मान्यता है कि इस योग में किए गए शुभ कार्य, निवेश और दान का फल व्यक्ति को तीन गुना होकर प्राप्त होता है।

क्या है त्रिपुष्कर योग का महत्व?
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, त्रिपुष्कर योग तब बनता है जब विशेष वार (रविवार, मंगलवार या शनिवार), तिथि और नक्षत्र का संयोग होता है। इस योग में किए गए कार्यों का प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है, इसलिए इसे अत्यंत शुभ माना जाता है।
आज क्या करना रहेगा शुभ?
त्रिपुष्कर योग के दौरान निवेश और नई शुरुआत को विशेष महत्व दिया गया है।
- सोना खरीदना और आर्थिक निवेश करना लाभकारी माना गया है
- जमीन या संपत्ति खरीदना भविष्य में उन्नति का संकेत देता है
- नया व्यापार शुरू करने के लिए दिन अनुकूल है
- धार्मिक कार्य और पूजा-पाठ करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है
इन कार्यों से करें परहेज
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस योग में नकारात्मक कार्यों से बचना चाहिए, क्योंकि उनका प्रभाव भी कई गुना बढ़ सकता है।
- विवाद, लड़ाई-झगड़े से दूर रहें
- कोर्ट-कचहरी या अस्पताल से जुड़े कार्य टालें
- कर्ज लेने या देने से बचें
- पुरानी संपत्ति या वाहन बेचने से परहेज करें
दान-पुण्य का विशेष महत्व
त्रिपुष्कर योग में दान का विशेष महत्व बताया गया है।
- सत्तू, गुड़ और चने की दाल का दान पितृ दोष से मुक्ति दिलाता है
- जरूरतमंद बच्चों को किताबें देना शुभ माना गया है
- जल से भरा मिट्टी का घड़ा दान करने से सूर्य और विष्णु जी की कृपा मिलती है
- अन्न दान को अत्यंत पुण्यकारी बताया गया है
त्रिपुष्कर योग का समय
पंचांग के अनुसार, यह योग आज शाम 4 बजकर 6 मिनट से शुरू होकर रात 12 बजकर 12 मिनट तक रहेगा।
धार्मिक दृष्टि से आज का दिन अत्यंत शुभ और दुर्लभ माना जा रहा है। ऐसे में लोग इस अवसर का लाभ उठाकर शुभ कार्य, निवेश और दान कर सकते हैं, जिससे उन्हें भविष्य में सकारात्मक और कई गुना फल मिलने की संभावना है।
