पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में पश्चिम मेदिनीपुर जिले की सबंग सीट इस बार हाई-प्रोफाइल बन गई है। खड़गपुर सबडिवीजन के अंतर्गत आने वाली यह सीट राजनीतिक रूप से बेहद अहम मानी जा रही है, जहां इस बार बहु-दलीय मुकाबला देखने को मिल रहा है। हालांकि मुख्य लड़ाई तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच सिमटती नजर आ रही है।

राज्य की 294 सीटों के लिए मतदान दो चरणों—23 और 29 अप्रैल—को होगा, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी। सबंग सीट पर पहले चरण में वोटिंग प्रस्तावित है।
मुख्य उम्मीदवार कौन-कौन?
सबंग में इस बार प्रमुख उम्मीदवार हैं:
- TMC: मानस रंजन भुनिया
- BJP: अमल कुमार पांडा
- CPI(M): नकुल चंद्र बेरा
- कांग्रेस: अलक कुमार समाई
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, मुकाबला सीधा मानस रंजन भुनिया और अमल कुमार पांडा के बीच माना जा रहा है।
पिछले चुनावों का प्रदर्शन
2021 के विधानसभा चुनाव में TMC के मानस रंजन भुनिया ने BJP के अमूल्य माइती को 9,864 वोटों से हराया था। इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में भी इस क्षेत्र में TMC का दबदबा कायम रहा, जहां घाटाल सीट से दीपक अधिकारी ने BJP उम्मीदवार को 1.82 लाख से ज्यादा वोटों से हराया।
इन नतीजों से यह साफ है कि पिछले कुछ वर्षों में इस क्षेत्र में TMC की पकड़ मजबूत रही है।
मतदाता आंकड़े और सामाजिक समीकरण
2021 के आंकड़ों के अनुसार:
- कुल मतदाता: 2,64,783
- पुरुष: 1,36,601
- महिला: 1,28,181
- अन्य: 1
सामाजिक संरचना की बात करें तो:
- मुस्लिम वोटर: ~7.80%
- अनुसूचित जाति: 11.88%
- अनुसूचित जनजाति: 5.51%
यह सीट मुस्लिम-बहुल नहीं है और बांग्लादेश सीमा से भी दूर है, जिससे यहां का चुनावी समीकरण अन्य सीमावर्ती सीटों से अलग रहता है।
वोटिंग ट्रेंड: रिकॉर्ड भागीदारी
सबंग में मतदान प्रतिशत हमेशा ऊंचा रहा है:
- 2011: 93.30%
- 2016: 88.72%
- 2019: 85.62%
- 2021: 89.27%
- 2024: 85.66%
उच्च मतदान दर इस सीट को और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाती है।
इतिहास और राजनीतिक विरासत
1951 में अस्तित्व में आई इस सीट पर अब तक 14 चुनाव हो चुके हैं, जिनमें 2017 का उपचुनाव भी शामिल है। कांग्रेस ने यहां सबसे ज्यादा 9 बार जीत दर्ज की है, लेकिन हाल के वर्षों में TMC ने अपनी मजबूत पकड़ बनाई है।
मानस रंजन भुनिया इस क्षेत्र के अनुभवी और प्रभावशाली नेता माने जाते हैं, जिनकी व्यक्तिगत पकड़ भी चुनाव में अहम भूमिका निभा सकती है।
क्या कहता है समीकरण?
2026 में सबंग सीट पर मुकाबला बेहद करीबी माना जा रहा है।
- TMC को पिछले चुनावों का फायदा और संगठनात्मक मजबूती है
- BJP इस सीट पर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में है
SIR (Special Intensive Revision) के कारण मतदाता सूची में हुए बदलाव भी इस बार नतीजों को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में किसी भी पार्टी के लिए स्पष्ट बढ़त का दावा करना मुश्किल है।
सबंग सीट इस बार “प्रतिष्ठा की लड़ाई” बन चुकी है। जहां TMC अपनी पकड़ बनाए रखना चाहती है, वहीं BJP यहां बड़ा उलटफेर करने की कोशिश में है। नतीजा पूरी तरह मतदाताओं के रुझान और मतदान प्रतिशत पर निर्भर करेगा।
4 मई को आने वाले नतीजे यह तय करेंगे कि सबंग में सत्ता किसके हाथ जाएगी।
