आवाज़ प्लस | विशेष रिपोर्ट
कन्नूर (केरल): करीब डेढ़ दशक पुराने सनसनीखेज बम हमले के मामले में अदालत ने बड़ा और कड़ा फैसला सुनाया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं से भरे वाहन पर बम फेंकने के केस में कन्नूर की सत्र अदालत ने 10 आरोपियों को दोषी करार देते हुए सख्त सजा सुनाई है।

तलिपरंबा के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रशांत के.एन. ने यह ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी टीवी बीनू उर्फ उरुम्बन बीनू को 25 साल की कठोर कारावास की सजा दी है। अदालत ने माना कि बम फेंकने की मुख्य भूमिका उसी की थी, इसलिए उसे अलग-अलग धाराओं में दी गई सजाएं क्रमवार (consecutive) चलेंगी।
वहीं, अन्य 9 दोषियों—एम.के. प्रदीपकुमार, पी.पी. सथ्यान, पी.वी. बाबूराज (CPM पंचायत सदस्य), ई.वी. विनोद कुमार, विजयन, के.पी. सुरेश, टोबी, जनार्दनन के.वी. और शिवप्रकाश—को भी विभिन्न धाराओं में सजा सुनाई गई है। हालांकि उनकी सजाएं एक साथ (concurrent) चलेंगी, जिससे उन्हें अधिकतम 10 साल तक जेल में रहना होगा।
घटना का विवरण
यह घटना 27 नवंबर 2011 की है, जब थिमिरी कॉलेज के पास RSS-BJP कार्यकर्ताओं को लेकर जा रहे वाहन पर बम से हमला किया गया था। उस समय वाहन में करीब 30 कार्यकर्ता सवार थे। इस हमले में 9 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिससे इलाके में भारी तनाव फैल गया था।
सरकारी पक्ष के अनुसार, घटना से पहले इलाके में RSS की शाखा खोलने को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था और एक दिन पहले झड़प भी हुई थी। उसी रंजिश के चलते इस हमले को अंजाम दिया गया।
जुर्माना भी लगाया गया
अदालत ने सभी दोषियों पर कुल 2.6 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
करीब 15 साल तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद आए इस फैसले को न्याय की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। यह मामला राज्य में राजनीतिक हिंसा के गंभीर स्वरूप को भी उजागर करता है।
(आवाज़ प्लस)
