‘राशन हो या नौकरी, बस स्कैन करें’: कोलकाता में पोस्टरों से सियासी हलचल, ‘कट-मनी’ पर तंज

कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण से ठीक पहले राजधानी कोलकाता में एक अनोखे और तीखे राजनीतिक विरोध ने माहौल गरमा दिया है। बुधवार सुबह शहर के कई बाजारों, बस स्टैंड और ट्रांजिट हब्स पर गुमनाम पोस्टर लगे मिले, जिनमें सत्तारूढ़ व्यवस्था पर कथित ‘कट-मनी’ संस्कृति को लेकर व्यंग्य किया गया है।

पोस्टरों में क्या है खास

इन पोस्टरों के केंद्र में एक बड़ा क्यूआर कोड बना है, जिसके साथ बंगाली में लिखा है—
“Ration Hok Ba Chakri… Scan Korun”
(चाहे राशन हो या नौकरी… बस स्कैन करें)

पोस्टरों में “pay2tmc” जैसा डिजिटल भुगतान संकेत दिखाकर यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि आम लोगों को अपने अधिकार पाने के लिए भी कथित तौर पर भुगतान करना पड़ता है।

‘कट-मनी’ संस्कृति पर निशाना

यह अभियान सीधे तौर पर राज्य की कथित भ्रष्टाचार व्यवस्था पर प्रहार करता दिखता है। पोस्टरों में दो अहम मुद्दों—नौकरी और राशन—को केंद्र में रखा गया है:

  • नौकरी: स्कूल भर्ती घोटाले का संदर्भ, जिसमें हजारों अभ्यर्थियों ने विरोध प्रदर्शन किया और भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप लगे।
  • राशन: सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में कथित हेराफेरी और बिचौलियों की भूमिका पर सवाल।

इन पोस्टरों के जरिए यह संदेश दिया गया है कि आम नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं पाने के लिए भी ‘कमीशन’ देना पड़ता है।

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी वायरल

जैसे ही लोगों ने इन क्यूआर कोड वाले पोस्टरों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करनी शुरू कीं, यह अभियान तेजी से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गया। इसे चुनाव से पहले जनता के असंतोष का प्रतीक माना जा रहा है।

चुनाव से पहले सियासी तापमान बढ़ा

पश्चिम बंगाल में पहले चरण का मतदान 23 और 29 अप्रैल को होना है, जबकि 4 मई को नतीजे घोषित किए जाएंगे। ऐसे में इस तरह के पोस्टर सियासी माहौल को और गर्म करने का काम कर रहे हैं।

‘pay2tmc’ पोस्टर अभियान भले ही गुमनाम हो, लेकिन इसका संदेश स्पष्ट है—यह आम जनता के बीच कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ बढ़ती नाराज़गी और असंतोष को उजागर करता है। चुनावी माहौल में इस तरह के रचनात्मक विरोध राजनीतिक बहस को नया आयाम दे रहे हैं।

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