पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन बीएसई सेंसेक्स 1312.91 अंक यानी 1.70 फीसदी टूटकर 76,015.28 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 360.30 अंक गिरकर 23,815.85 के स्तर पर पहुंच गया। लगातार तीसरे दिन बाजार लाल निशान में बंद हुआ है, जिससे निवेशकों में चिंता बढ़ गई है।

टाइटन ने दिया सबसे बड़ा झटका
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से सिर्फ 6 शेयर ही हरे निशान में बंद हुए, जबकि 24 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। सबसे ज्यादा नुकसान टाइटन के शेयरों में हुआ, जो 6.83 फीसदी टूट गए। इसके अलावा इंडिगो, एसबीआई, भारती एयरटेल और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे दिग्गज शेयरों में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली।
इन शेयरों में रही थोड़ी राहत
भारी गिरावट के बीच सन फार्मा के शेयर 1.36 फीसदी चढ़कर बंद हुए। वहीं हिंदुस्तान यूनिलीवर, अडाणी पोर्ट्स, कोटक महिंद्रा बैंक, एक्सिस बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में मामूली तेजी दर्ज की गई।
निवेशकों का डूबा पैसा
आज बाजार में बिकवाली इतनी तेज रही कि कई बड़े शेयरों ने निवेशकों को भारी नुकसान पहुंचाया। इंडिगो 4.69 फीसदी, एसबीआई 4.52 फीसदी, भारती एयरटेल 4.18 फीसदी और रिलायंस इंडस्ट्रीज 3.31 फीसदी तक टूट गए। बैंकिंग, ऑटो, आईटी और मेटल सेक्टर में भी भारी दबाव देखने को मिला।
आखिर क्यों क्रैश हुआ बाजार?
विशेषज्ञों के मुताबिक बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा ईरान के शांति प्रस्ताव को ठुकराने के बाद वैश्विक बाजारों में डर बढ़ गया है।
इसके अलावा प्रधानमंत्री Narendra Modi की हालिया अपील का भी असर बाजार पर देखने को मिला। पीएम मोदी ने पेट्रोल-डीजल और गैस के सीमित इस्तेमाल के साथ एक साल तक सोने की खरीद टालने की सलाह दी थी, जिससे निवेशकों के बीच सतर्कता बढ़ गई।
रुपये और कच्चे तेल ने बढ़ाई चिंता
भारतीय रुपये की कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने भी बाजार का माहौल बिगाड़ दिया। विदेशी निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक अनिश्चितता के चलते आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की आशंका जताई जा रही है।
