अमरावती/नई दिल्ली:
आंध्र प्रदेश की राजनीति और प्रशासन को लेकर एक बड़ा फैसला सामने आया है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने आधिकारिक तौर पर घोषणा कर दी है कि अमरावती ही राज्य की स्थायी राजधानी होगी। उन्होंने यह जानकारी अपने आधिकारिक X (पूर्व ट्विटर) हैंडल के जरिए साझा की।
सीएम नायडू ने अधिसूचना शेयर करते हुए स्पष्ट शब्दों में लिखा, “आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती है।” उनके साथ डिप्टी सीएम पवन कल्याण ने भी इस फैसले की पुष्टि की।

राष्ट्रपति और केंद्र का जताया आभार
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) अधिनियम, 2026 को मंजूरी देकर राज्य के लोगों का वर्षों पुराना सपना पूरा किया है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार को भी धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने राज्य के विकास के लिए अपने वादे को निभाया है।
संसद में पास हुआ था संशोधन विधेयक
हाल ही में संसद के बजट सत्र के दौरान आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक 2026 को लोकसभा और राज्यसभा दोनों में बहुमत से पारित किया गया था। इसके बाद इस फैसले का रास्ता साफ हो गया।
अमरावती के विकास को मिलेगा नया आयाम
TDP-NDA सरकार के इस फैसले को राज्य के विकास के लिहाज से अहम माना जा रहा है। आंध्र प्रदेश के विभाजन के समय से ही अमरावती को प्रशासनिक और राजनीतिक केंद्र बनाने की योजना थी, जिसे अब अंतिम रूप मिल गया है।
सरकार का मानना है कि एकल राजधानी होने से प्रशासनिक स्पष्टता बढ़ेगी और विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी। अमरावती को अब राज्य के आर्थिक, राजनीतिक और प्रशासनिक हब के रूप में विकसित किया जाएगा।
(आवाज़ प्लस)
