लखनऊ में बड़ा सुरक्षा हादसा: जालसाज ने डिप्टी सीएम के आवास में की घुसपैठ, फर्जी परिचय देकर अनुचित सिफारिशें करने लगा

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक बड़े सुरक्षा हादसे की जानकारी सामने आई है। एक व्यक्ति ने खुद को बीजेपी का वरिष्ठ पदाधिकारी बताकर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से मिलने की कोशिश की और उनके आवास पर अनुचित सिफारिशें करने लगा। हालांकि, डिप्टी सीएम के सतर्क स्टाफ ने समय रहते संदेह जताया और मौके पर ही जालसाजी का खुलासा कर दिया।

एफआईआर दर्ज, आरोपी गिरफ्तार
डिप्टी सीएम के निजी सचिव सुनीत कुमार की तहरीर पर गौतम पल्ली थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपी की पहचान नोएडा निवासी दशरथ पाल के रूप में हुई, जिसे मौके पर ही पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया।

परिचय बदला और खुल गई पोल
मामला तब सामने आया जब दशरथ पाल ने पहले उपमुख्यमंत्री को फोन किया और खुद को दिल्ली बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष का करीबी बताकर किसी अन्य व्यक्ति की मुलाकात कराने की बात कही। इसके बाद वह डिप्टी सीएम के आवास पहुंचा। लेकिन वहां पहुँचते ही उसने अपना परिचय बदल दिया और खुद को बीजेपी का पूर्व जिला अध्यक्ष बताने लगा।

डिप्टी सीएम के स्टाफ को यह संदिग्ध लगा और उन्होंने तुरंत बुलंदशहर के जिला अध्यक्ष से फोन पर संपर्क किया। जांच में पता चला कि दशरथ पाल ने कभी भी किसी जिला अध्यक्ष का पद नहीं संभाला है।

दिल्ली से भी जुड़ी जालसाजी
दशरथ पाल लगातार दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष का करीबी बताकर अपने साथ आए तीन अन्य लोगों के लिए अनुचित सिफारिशें करने लगा। जब इसकी गंभीरता महसूस हुई, तो स्टाफ ने दिल्ली बीजेपी कार्यालय से संपर्क किया। वहां से पुष्टि हुई कि दशरथ पाल का किसी भी तरह से पार्टी नेतृत्व या संगठन से कोई संबंध नहीं है।

सुरक्षा व्यवस्था और आगे की कार्रवाई
मौके पर ही आरोपी की जालसाजी का खुलासा हो गया और उसे गिरफ्तार कर गौतम पल्ली थाने भेज दिया गया। पुलिस इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी का मकसद क्या था और उसके साथ आए तीन अन्य लोग कौन थे।

विशेष रिपोर्ट:
यह घटना सत्ता गलियारों में सुरक्षा और सतर्कता की अहमियत को उजागर करती है। समय रहते स्टाफ की सतर्कता ने बड़े हादसे को टाल दिया।

Click to Un-Mute
WhatsApp icon
+919335693356
Contact us!
Phone icon
+919335693356