राजस्थान–मध्यप्रदेश बॉर्डर से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ RTO के कथित उत्पीड़न से परेशान एक ट्रक चालक ने खुद को आग लगाने का प्रयास किया। जानकारी के अनुसार, ट्रक चालक के पास सभी कागज़ात पूरे थे, फिर भी RTO टीम ने बिना दस्तावेज़ चेक किए ही 4500 रुपये का चालान ठोक दिया।
🔍 क्या हुआ था घटनास्थल पर?
- ट्रक चालक नियमित रूप से माल लेकर राजस्थान–एमपी बॉर्डर से गुजर रहा था।
- चेक पोस्ट पर RTO कर्मियों ने उसे रोका और चालान काटने की बात कही।
- चालक ने बार–बार कहा कि उसके पेपर पूरे हैं, लेकिन RTO कर्मियों ने देखने से ही इनकार कर दिया।
- कथित दबाव और मनमानी से परेशान चालक मानसिक रूप से टूट गया।
🔥 हताशा में उठाया आत्मदाह का कदम
दबाव, अपमान और जबरन वसूली जैसे माहौल से क्षुब्ध चालक ने अचानक आत्मदाह करने की कोशिश की, जिससे मौके पर हड़कंप मच गया।
अन्य लोगों ने भागकर उसे बचाया और किसी तरह स्थिति को संभाला गया।
🔊 लोगों का फूटा गुस्सा
स्थानीय लोगों और राहगीरों ने कहा कि:
- सड़क पर चलने वाला हर व्यक्ति RTO और पुलिस को देखकर डर जाता है।
- पैसों की वसूली और दहशत का माहौल आम हो चुका है।
- पहले के ज़माने के डाकू भी गरीब और लाचार को छोड़ देते थे, लेकिन आज के RTO किसी को नहीं छोड़ते।
⚠️ सिस्टम पर बड़े सवाल
यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है:
- क्या RTO चेकिंग कानून लागू करने के नाम पर वसूली का अड्डा बन चुकी है?
- पूरे दस्तावेज़ होने के बावजूद चालान क्यों?
- क्या ट्रक ड्राइवरों की सुरक्षा और सम्मान की कोई व्यवस्था है?
- क्या दबाव की वजह से ड्राइवर ऐसी खतरनाक कोशिशों के लिए मजबूर हो रहे हैं?
🚨 पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर भी उंगलियाँ
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो, और दोषी RTO कर्मियों पर सख्त कार्रवाई हो।
